अंबाती रायडू ने अपना संन्यास का फैसला लिया वापस
विश्व कप के दौरान भारतीय क्रिकेट टीम में शामिल न किए जाने की वजह से दुखी अंबाती रायडू ने सभी तरह के क्रिकेट फॉर्मेट से संन्यास की घोषणा कर दी थी। मगर अपने फैसले के 58 दिनों बाद अचानक अंबाती रायडू ने फिर से अपना संन्यास का फैसला बदल लिया है। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि वह अब एक बार फिर से क्रिकेट खेलने के लिए उपलब्ध रहेंगे। उन्होंने तारीख की घोषणा करते हुए कहा कि वह 10 सितंबर से फिर से क्रिकेट खेलने के लिए उपलब्ध रहेंगे। उन्होंने उन लोगों का भी शुक्रिया अदा किया। जिन्होंने उन्हें यह अहसास दिलाया कि उनमें अभी काफी क्रिकेट बची हुई है। अंबाती रायडू ने जिन लोगों के नाम लिए उनमें चेन्नई सुपर किंग्स, वीवीएस लक्ष्मण और नोएल डेविड का नाम शामिल था।
विश्वकप के दौरान लिया था संन्यास का फैसला
दरअसल विश्व कप की टीम में मुख्य खिलाड़ियों में अंबाती रायडू का चयन नहीं किया गया था। मगर उन्हें रिजर्व खिलाड़ियों की सूची में जगह दी गई थी। रिजर्व खिलाड़ियों का प्रयोग तब किया जाता है जब मुख्य टीम का कोई सदस्य चोटिल हो जाता है। शिखर धवन के चोटिल होने के बाद विजय शंकर को मौका दिया गया। मगर विजय शंकर भी कुछ दिनों बाद चोटिल हो गए मगर फिर भी अंबाती रायडू को मौका नहीं दिया गया। जिससे दुखी होकर उन्होंने संन्यास का फैसला कर लिया था।

युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह ने उस समय महेंद्र सिंह धोनी पर उनके संन्यास का आरोप मढ़ा था और उसी समय उन्होंने कहा था कि अभी रायडू के अंदर काफी क्रिकेट बची हुई है। उन्हें अपना संन्यास का फैसला वापस ले लेना चाहिए।
रायडू के अंदर बची है काफी क्रिकेट
अंबाती रायडू T20 के काफी अच्छे खिलाड़ी माने जाते हैं। उन्होंने जल्दी बाजी में रिटायरमेंट की घोषणा की थी। मगर जब उन्हें अपनी गलती का अहसास हुआ तो उन्होंने उन लोगों का शुक्रिया अदा किया। जिन्होंने उन्हें वापस क्रिकेट में आने के लिए प्रोत्साहित किया। हैदराबाद के मुख्य चयनकर्ता ने इस बात पर खुशी जताई कि अब वह फिर से रणजी की टीम में शामिल हो पाएंगे। उनके अंदर अभी 5 साल की क्रिकेट बची हुई है और वह युवाओं को काफी कुछ सीखा सकते हैं।
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